अंतरधार्मिक प्रेम संबंध में उत्पन्न खतरे से चिंतित एक प्रेमी जोड़े की याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड हाई कोर्ट ने पुलिस प्रशासन को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। अवकाशकालीन न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की एकलपीठ ने मामले में राज्य सरकार सहित विपक्षियों को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को भी कहा है। अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी।
युवती मुस्लिम, युवक सिख, लंबे समय से संबंध, शादी की तैयारी
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि दोनों अलग-अलग समुदायों से आते हैं, लेकिन लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं और अब स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी करना चाहते हैं। उनका कहना है कि वे दोनों बालिग हैं, अपना भविष्य खुद तय करने में सक्षम हैं और विवाह का निर्णय परस्पर सहमति से ले रहे हैं।
परिजनों की नाराजगी से बढ़ा खतरा, पुलिस से भी नहीं मिली सुरक्षा
युवती के स्वजन इस संबंध से सहमत नहीं, जिसके चलते जोड़े के अनुसार उनके सामने जानमाल का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्होंने सुरक्षा के लिए एसएसपी ऊधमसिंह नगर को आवेदन भी दिया था, लेकिन अब तक कोई संरक्षण मुहैया नहीं कराया गया।
राज्य सरकार ने कोर्ट में कहा—दोनों बालिग, विवाह पर कोई आपत्ति नहीं
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि दोनों युवक-युवती वयस्क हैं और यदि वे विवाह करना चाहें तो शासन को इससे कोई आपत्ति नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि प्रेमी जोड़े की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
एसएसपी ऊधमसिंह नगर और रुद्रपुर कोतवाली प्रभारी तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराएं।
राज्य सरकार व अन्य विपक्षियों को चार सप्ताह में अपना पक्ष दर्ज करना होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जब याचिकाकर्ता बालिग हैं और स्वेच्छा से अपना भविष्य तय कर रहे हैं, तो उनकी सुरक्षा राज्य का दायित्व है।
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- नौ साल बाद हटाए गए कैबिनेट मंत्री धन सिंह से स्वास्थ्य महकमा, इन दिनों पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचारमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पांच नए उद्यमों के बीच का बंटवारा कर दिया है। चार पुराने विधानमंडल के कुछ संस्थागत में हुआ है। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से स्वास्थ्य महकमा,
मंत्री सतपाल महाराज से सचिवालय, जलागम, एसडीओ उनियाल से तकनीकी शिक्षा एवं भाषा और गणेश जोशी से ग्राम्य विकास विभाग हटा दिए गए हैं। कैबिनेट लाइन आर्या व बोरा बहुगुणा के पास पूर्व की सामुहिक विभाग है।
मंत्री डॉ. नौ साल बाद धन सिंह रावत को स्वास्थ्य विभाग से हटा दिया गया। अब उनके पास विद्यालयी शिक्षा, उच्च, तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा के साथ विभाग की जिम्मेदारी बनी हुई है। त्रिवेन्द्र सरकार में 2017 से डॉ. धन सिंह रावत के पास शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी थी।
धामी सरकार के मॉडल विस्तार से उनकी स्वास्थ्य महमामा को हटा दिया गया। ऍफ़. आजकल पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नौ साल में स्वास्थ्य के रेस्तरां का विस्तार करने के साथ ही डॉ.
विशेषज्ञ,सहायक अधिकारी की सेवाएं। विभाग में 10 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हैं। दुर्गम क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया है।
Wednesday, May 13

