उत्तराखंड के जौलीग्रांट क्षेत्र में स्थित एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में उस समय का विवरण दिया गया था, जब रियासत प्रथम वर्ष की 19वीं वर्षगांठ का शव स्मारक के कमरे में यथार्थ राज्य में पाया गया था। घटना की जानकारी ही विश्वविद्यालय परिसर में तूफान मच गई और छात्र-छात्रा में शोक की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आपके कमरे से बाहर तक के कई घंटों तक के पिक्सेल का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। इस पर सहपाठियों और सहायक कर्मचारियों को अनहोनी की आपदा हुई। जब दरवाज़ा खुला तो इलेक्ट्रानिक का शव कक्ष के अंदर पूर्वी भाग से फाँसी मिली। इसके बाद तत्काल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जौलीग्रांट स्टेशन को सूचना दी।
हथियारबंद पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी और जमानत के लिए भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुरातनपंथी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रहने वाली थीं और हाल ही में मेडिकल की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति आई थी।
स्कोडा सदर विवेक कुटियाल ने बताया कि शुरुआती जांच और सहपाठियों से मिली जानकारी के आधार पर यह खतरा पैदा हो रहा है कि किसी छात्र के साथ अप्राकृतिक विवाद के वास्तविक मानसिक तनाव में था। हालाँकि, गोदाम कमरे से कोई आत्मघाती नोट या अन्य आतंकवादी सामग्री बरामद नहीं हुई है।
पुलिस ने प्रिंसेस के नमूने को घटना की सूचना के लिए बुलाया है। अधिकारियों का कहना है कि अवशेषों में ही शामिल हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की जा रही है, ताकि अंतिम वास्तविक लक्ष्यों का पता लगाया जा सके।
घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शोक व्यक्त किया गया, जहां परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
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- नौ साल बाद हटाए गए कैबिनेट मंत्री धन सिंह से स्वास्थ्य महकमा, इन दिनों पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचारमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पांच नए उद्यमों के बीच का बंटवारा कर दिया है। चार पुराने विधानमंडल के कुछ संस्थागत में हुआ है। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से स्वास्थ्य महकमा,
मंत्री सतपाल महाराज से सचिवालय, जलागम, एसडीओ उनियाल से तकनीकी शिक्षा एवं भाषा और गणेश जोशी से ग्राम्य विकास विभाग हटा दिए गए हैं। कैबिनेट लाइन आर्या व बोरा बहुगुणा के पास पूर्व की सामुहिक विभाग है।
मंत्री डॉ. नौ साल बाद धन सिंह रावत को स्वास्थ्य विभाग से हटा दिया गया। अब उनके पास विद्यालयी शिक्षा, उच्च, तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा के साथ विभाग की जिम्मेदारी बनी हुई है। त्रिवेन्द्र सरकार में 2017 से डॉ. धन सिंह रावत के पास शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी थी।
धामी सरकार के मॉडल विस्तार से उनकी स्वास्थ्य महमामा को हटा दिया गया। ऍफ़. आजकल पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नौ साल में स्वास्थ्य के रेस्तरां का विस्तार करने के साथ ही डॉ.
विशेषज्ञ,सहायक अधिकारी की सेवाएं। विभाग में 10 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हैं। दुर्गम क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया है।
Wednesday, May 13

