मुख्यमंत्री के निर्देश भूमि पर बसंत ऋतु के लिए एक विशेष अभियान
मुख्यमंत्री पुस्तर सिंह धामी ने राज्य में भूमि एसोसिएटेड मशविरे के खिलाफ और प्रभावकारिता के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन एवं पुलिस दीपम सेठ को निर्देश दिया है कि सभी जिलों में आवासीय एवं आवासीय भवनों के समाधान के लिए व्यापक एवं व्यापक अभियान संचालित किया जाए और सभी सामान्य मामलों का एक माह की समय-सीमा के अंदर सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस अभियान के अंत तक भूमि से संबंधित वस्तुओं को शून्य स्तर तक लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि विवाद आम नागरिकों की समस्याओं से सीधे जुड़े हुए हैं और इनका कारण कानून-व्यवस्था और सामाजिक शिक्षण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए सरकार की प्राथमिकता है कि ऐसे मशविरे का तत्काल,
लाभ और न्यायसंगत समाधान हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान के दौरान संकेत मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान न किया जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इस अभियान की प्रगति की समीक्षा मुख्य सचिव द्वारा प्रत्येक सप्ताह की जाएगी, ताकि समय-सीमा में लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित हो सके। समीक्षा के आधार पर आवश्यक है उचित सुधारात्मक कदम भी उठाएं।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि तहसील स्तर पर उप-स्तरीय (एसडीएसएम) की स्थापना में शामिल होने की आवश्यकता है।
इन दस्तावेजों में संबंधित क्षेत्र अधिकारी (सीओ) पुलिस एवं चाक-चौबंद विभाग के अधिकारियों को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री पुस्र्ष सिंह धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस विशेष अभियान में बस्ती से लेकर सुल्तानपुर तक की आम जनता को राहत और शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक सलाह दी जाएगी।
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- नौ साल बाद हटाए गए कैबिनेट मंत्री धन सिंह से स्वास्थ्य महकमा, इन दिनों पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचारमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पांच नए उद्यमों के बीच का बंटवारा कर दिया है। चार पुराने विधानमंडल के कुछ संस्थागत में हुआ है। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से स्वास्थ्य महकमा,
मंत्री सतपाल महाराज से सचिवालय, जलागम, एसडीओ उनियाल से तकनीकी शिक्षा एवं भाषा और गणेश जोशी से ग्राम्य विकास विभाग हटा दिए गए हैं। कैबिनेट लाइन आर्या व बोरा बहुगुणा के पास पूर्व की सामुहिक विभाग है।
मंत्री डॉ. नौ साल बाद धन सिंह रावत को स्वास्थ्य विभाग से हटा दिया गया। अब उनके पास विद्यालयी शिक्षा, उच्च, तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा के साथ विभाग की जिम्मेदारी बनी हुई है। त्रिवेन्द्र सरकार में 2017 से डॉ. धन सिंह रावत के पास शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी थी।
धामी सरकार के मॉडल विस्तार से उनकी स्वास्थ्य महमामा को हटा दिया गया। ऍफ़. आजकल पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नौ साल में स्वास्थ्य के रेस्तरां का विस्तार करने के साथ ही डॉ.
विशेषज्ञ,सहायक अधिकारी की सेवाएं। विभाग में 10 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हैं। दुर्गम क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया है।
Wednesday, May 13

