पुरोला विकास खंड की प्रमुख निशिता शाह को जाति प्रमाण-पत्र से जुड़े विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट से यह बड़ी और ढीली राहत जारी की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अपने सभी वित्तीय और सरकारी स्वामित्व पर रोक लगा दी।
लंबे समय से चले आ रहे हैं इस प्रकरण के कारण लेवल लेवल पर कई औद्योगिक कार्य प्रभावित हो रहे थे, जो अब स्पीड पकड़ की उम्मीद जगा रही है। सामने आया फैसला पूर्व विधायक मालचंद प्रमुख निशिता शाह के निधन में खुशी का माहौल है।
पूर्व विधायक मालचंद और उनकी पार्टी की प्रमुख बहू निशिता शाह,समर्थकों ने इसे “सत्य की जीत” कहा है, पति-पत्नी न्याय की पार्टी के समर्थक और विश्वासपात्र हैं।
दूसरी ओर आगामी विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत राजनीतिक दृष्टि से भी यह अहम निर्णय लिया जा रहा है, इस प्रकरण को लेकर स्थानीय राजनीति में लंबे समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
उल्लेखनीय है कि प्रमुख जाति निशिता शाह पूर्व नेता मालचंद की पुत्रवधू हैं, प्रतिद्वंद्वी निशिता द्वारा परत जन जाति जौनसार क्षेत्र से मायका होने और पहले जनजाति प्रमाण पत्र का उपयोग करने और शादी के बाद प्रमुख जाति का प्रमाण पत्र का लाभ लेने के आरोप लगाए गए थे।
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- नौ साल बाद हटाए गए कैबिनेट मंत्री धन सिंह से स्वास्थ्य महकमा, इन दिनों पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचारमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पांच नए उद्यमों के बीच का बंटवारा कर दिया है। चार पुराने विधानमंडल के कुछ संस्थागत में हुआ है। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से स्वास्थ्य महकमा,
मंत्री सतपाल महाराज से सचिवालय, जलागम, एसडीओ उनियाल से तकनीकी शिक्षा एवं भाषा और गणेश जोशी से ग्राम्य विकास विभाग हटा दिए गए हैं। कैबिनेट लाइन आर्या व बोरा बहुगुणा के पास पूर्व की सामुहिक विभाग है।
मंत्री डॉ. नौ साल बाद धन सिंह रावत को स्वास्थ्य विभाग से हटा दिया गया। अब उनके पास विद्यालयी शिक्षा, उच्च, तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा के साथ विभाग की जिम्मेदारी बनी हुई है। त्रिवेन्द्र सरकार में 2017 से डॉ. धन सिंह रावत के पास शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी थी।
धामी सरकार के मॉडल विस्तार से उनकी स्वास्थ्य महमामा को हटा दिया गया। ऍफ़. आजकल पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नौ साल में स्वास्थ्य के रेस्तरां का विस्तार करने के साथ ही डॉ.
विशेषज्ञ,सहायक अधिकारी की सेवाएं। विभाग में 10 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हैं। दुर्गम क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया है।
Wednesday, May 13

