कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े ऑडियो पर राज्य सरकार का पक्ष रखा। कहा कि आरोप लगाने वाले सामने आकर सरकार का पक्ष रखे, हम जॉच के लिए तैयार है।
कहा कि इस गंभीर मामले में सरकार ने शुरू से ही निष्पक्ष, पारदर्शी और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि हाल में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही ऑडियो क्लिप के संबंध में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और उनकी विधिवत जांच जारी है। जांच में यदि कोई भी नया तथ्य या साक्ष्य सामने आता है तो उसके आधार पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि साक्ष्य उपलब्ध कराने वाले को सरकार की ओर से सुरक्षा भी मुहैया कराई जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस प्रकरण से संबंधित कोई भी जानकारी या साक्ष्य था, तो विवेचना के दौरान उसे SIT को उपलब्ध कराया जा सकता था। उस समय पुलिस द्वारा भी सार्वजनिक रूप से यह अपील भी की गई थी कि यदि किसी के पास किसी वीआईपी या अन्य व्यक्ति से जुड़ा कोई तथ्य या प्रमाण हो तो वह जांच एजेंसियों को साझा करे।
उन्होंने कहा कि जैसे ही घटना की जानकारी प्राप्त हुई, राज्य सरकार ने तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। मामले में शामिल सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया और सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी।
उनियाल ने बताया कि विवेचना के दौरान मामले की सीबीआई जांच कराने हेतु माननीय उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की गई थी। इस पर नैनीताल हाईकोर्ट ने SIT की जांच पर विश्वास जताते हुए सीबीआई जांच की आवश्यकता से इंकार कर दिया। इसके पश्चात यह मामला माननीय सर्वोच्च न्यायालय में भी गया, जहां न्यायालय ने विवेचना से संतुष्टि व्यक्त करते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
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- नौ साल बाद हटाए गए कैबिनेट मंत्री धन सिंह से स्वास्थ्य महकमा, इन दिनों पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचारमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पांच नए उद्यमों के बीच का बंटवारा कर दिया है। चार पुराने विधानमंडल के कुछ संस्थागत में हुआ है। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से स्वास्थ्य महकमा,
मंत्री सतपाल महाराज से सचिवालय, जलागम, एसडीओ उनियाल से तकनीकी शिक्षा एवं भाषा और गणेश जोशी से ग्राम्य विकास विभाग हटा दिए गए हैं। कैबिनेट लाइन आर्या व बोरा बहुगुणा के पास पूर्व की सामुहिक विभाग है।
मंत्री डॉ. नौ साल बाद धन सिंह रावत को स्वास्थ्य विभाग से हटा दिया गया। अब उनके पास विद्यालयी शिक्षा, उच्च, तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा के साथ विभाग की जिम्मेदारी बनी हुई है। त्रिवेन्द्र सरकार में 2017 से डॉ. धन सिंह रावत के पास शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी थी।
धामी सरकार के मॉडल विस्तार से उनकी स्वास्थ्य महमामा को हटा दिया गया। ऍफ़. आजकल पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नौ साल में स्वास्थ्य के रेस्तरां का विस्तार करने के साथ ही डॉ.
विशेषज्ञ,सहायक अधिकारी की सेवाएं। विभाग में 10 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हैं। दुर्गम क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया है।
Wednesday, May 13

