यमुनोत्री हाईवे पर शिलाक्यारा-पोलगांव गंगा का 90 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा हो चुका है, जिसका लक्ष्य मार्च 2027 तक निर्माण पूरा करना है। यह सुरंग चारधाम यात्रा को सरल और सुविधाजनक बनाएगी,
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बीच लगभग 26 किमी की दूरी है। 2023 में मूर्ति के फंसने की घटना के बाद जनवरी 2024 में काम फिर से शुरू हुआ। 2027 की चारधाम यात्रा में इसके उपयोग की संभावना है।
उत्तरकाशी: सब कुछ ठीक है तो 2027 की चारधाम यात्रा के लिए यमुनोत्री हाईवे पर साल भर में राज्य की सबसे लंबी 4.5 किमी सड़क तैयार होगी। इस सुरंग का सिविल कार्य 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।
10 प्रतिशत सिविल कार्य के बाद इलेक्ट्रिकल एवं असैन्य कार्य प्रारंभ होंगे। निर्माण कंपनी नव युग के अधिकारियों के अनुसार मार्च 2027 तक ऑरेंज का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस सुरंग के बनने से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बीच करीब 26 किमी की दूरी होगी। साथ ही यात्रा सरल और सुविधाजनक होगी।
बता दें कि चारधाम सड़क परियोजना में लगभग 858 करोड़ रुपये की लागत से पांच चार किमी लंबी सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का निर्माण कार्य वर्ष 2018 में शुरू हुआ था, जिसे पूर्व में पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2022 तय किया गया था। लेकिन टेक्नोलॉजी से इस साल 2022 में वापसी की तैयारी नहीं हो पाई। व
हीं, साल 2023 में इस सुरंग के सिलक्यारा मुहाने के बाद भारी भरकम अवशेषों से 41 टुकड़ों के फंसने की घटना घटी, जहां आप स्टेशन पर 17 दिन का समय लगा था। इस घटना के कारण इस सुरंग का निर्माण बुरी तरह प्रभावित हुआ।
जनवरी 2024 में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कार्यदशा संस्था राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचएआईडीसीएल) पर काम शुरू किया।
लेकिन नहर के फंसने के हादसे के बाद भी सुरंग का निर्माण बंद रहने से पानी भर गया, किसानों के बाद निर्माण कार्य शुरू होने में समय लगा।
16 अप्रैल 2024 को इस ऑरेंज को सुविधाजनक आर-पार बनाया गया था, जिसके बाद से स्ट्रेंथ कंस्ट्रक्शन का काम पूरा होने वाला है।
267 श्रमिक और 90 चॉकलेट स्टाफ सुरंग निर्माण में रात-दिन की तकनीक हुई है। अधिकांश कार्य अब पोलगांव बडकोट चोरों से ही शेष रह गये हैं।
सिलक्यारा-पोलगांव ऑरेंज में सिविल कार्य 90 प्रतिशत पूरा हो गया है। इस प्रतिशत सिविल कार्य में सुरंगों के बीच समुद्रतटीय दीवार निर्माण का काम पांच-छह माह में पूरा कर लिया जाएगा।
इसके बाद इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कार्य शुरू हो जाएगा। मार्च 2027 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। संभावना है कि वर्ष 2027 में चारधाम यात्रा होगी।
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Tuesday, July 28

