वहीं नगर आयुक्त महोदया के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले को लेकर नगर निगम कर्मचारी संघ ने संयुक्त रूप से कड़ा विरोध जताया है।
कर्मचारी संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्रता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नगर निगम प्रशासन ने विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नई नियमावली तैयार करने का निर्णय भी लिया है। जानकारी के अनुसार प्रथम बोर्ड अधिवेशन में प्रत्येक वार्ड के लिए 35-35 लाख रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे।
इसके अतिरिक्त वर्तमान में महापौर निधि से प्रत्येक वार्ड को 20-20 लाख रुपये के विकास कार्य पार्षदों के प्रस्तावों के आधार पर स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही क्षेत्रीय विधायकों से प्राप्त प्रस्तावों पर भी आगणन तैयार कर निविदाएं प्रकाशित की गई हैं।
चूंकि ये कार्य महापौर निधि से प्रस्तावित हैं, इसलिए इन्हें वार्ड स्तर के बजाय सम्पूर्ण शहर की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किए जाने की बात कही गई है।
नगर निगम में कुछ कथित पूर्व कार्यों के अभी तक पूर्ण न होने की शिकायतों पर भी नगर आयुक्त ने जांच समिति गठित कर दी है। सहायक अभियंता के अनुसार नगर निगम परिसर में महिलाओं के लिए शौचालय निर्माण, टाउन हॉल में रेट्रो फिटिंग, ब्रिक वर्क, वायरमेश प्लास्टरिंग, मुख्य भवन की छत पर ग्राउटिंग जैसे कार्य प्रस्तावित हैं।
कार्यालय परिसर की रंगाई-पुताई जुगमंदर हॉल निर्माण के बाद कराई जाएगी। वहीं मुख्य द्वार का निर्माण 9 दिसंबर 2025 को नगर निगम के 27वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा कारणों से तात्कालिक रूप से कराया गया था।
कुछ कार्य त्रुटिपूर्ण निविदा सूची में जुड़ जाने के कारण अब संशोधित निविदा सूची जारी की जाएगी।
राजनीतिक स्तर पर भी नगर निगम में असहमति के सुर उभरते नजर आ रहे हैं। सत्ता पक्ष के पार्षदों में ही दो गुट बनने की बात सामने आई है।
वहीं कांग्रेस पार्षदों ने विकास कार्यों के आवंटन में न्याय न होने का आरोप लगाया है। हालांकि कांग्रेस की ही पार्षद संगीता गुप्ता (वार्ड 35, सुमन नगर) के वार्ड में अब तक 70 लाख रुपये के विकास कार्य हो चुके हैं।
कर्मचारी महासंघ ने आरोप लगाया है कि कुछ पार्षद राजनीतिक हितों के लिए अनावश्यक मुद्दे बनाकर अधिकारियों पर दबाव डाल रहे हैं और अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। संघ का कहना है कि सफाई कर्मियों, टैक्स संग्रहण कर्मचारियों,
यूजर चार्ज वसूली से जुड़े स्वयं सहायता समूहों और अतिक्रमण हटाने वाली टीमों के साथ भी आए दिन दुर्व्यवहार और धमकी की घटनाएं सामने आती हैं।
कर्मचारी महासंघ ने सवाल उठाया है कि जब नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी लगातार दबाव और दुर्व्यवहार झेलते रहेंगे तो शहर की व्यवस्था कैसे सुधरेगी।
अंततः नगर आयुक्त महोदया ने कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों से वार्ता कर जनहित को ध्यान में रखते हुए कार्य बहिष्कार समाप्त कर पुनः काम पर लौटने की अपील की, जिसके बाद हालात सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।
ब्रेकिंग न्यूज़ -
- उत्तराखंड में आईपीएस अधिकारियों के तबादले, दो अफसर कुंभ मेले के लिए तैनात, देखिये लिस्ट
- गंगा घाटी के कई प्रधानो ने दिया 2027 के लिए विधायक संजय डोभाल को अपना समर्थन
- युवा मोर्चा कि उत्तरी नई टीम…. राणा
- यमनोत्री विधानसभा मेविधायक संजय डोभाल द्वारा विकास कि एक और सौगात
- उत्तराखंड में 15वें वित्त आयोग का अनुदानराशि जारी करने के लिए…..
- देहरादून में ओवरटेक से नाराज कार सवारों ने की अंधाधुंध फायरिंग, मॉर्निंग वॉक कर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत
- कैबिनेट बैठक खत्म, 16 प्रस्तावों पर लगी मुहर
- मंत्रिमंडल विस्तार के बाद धामी कैबिनेट की पहली बैठक शुरू, लिए जा सकते हैं महत्वपूर्ण फैसले
धामी कैबिनेट की आज की बैठक में पांच नए मंत्री शामिल होंगे, पंचायतीराज, परिवहन, वन और शिक्षा महकमों को लेकर बड़े निर्णय हो सकते हैं - अचानक Sonia Gandhi की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती, राहुल-प्रियंका भी पहुंचे
- नौ साल बाद हटाए गए कैबिनेट मंत्री धन सिंह से स्वास्थ्य महकमा, इन दिनों पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचारमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पांच नए उद्यमों के बीच का बंटवारा कर दिया है। चार पुराने विधानमंडल के कुछ संस्थागत में हुआ है। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से स्वास्थ्य महकमा,
मंत्री सतपाल महाराज से सचिवालय, जलागम, एसडीओ उनियाल से तकनीकी शिक्षा एवं भाषा और गणेश जोशी से ग्राम्य विकास विभाग हटा दिए गए हैं। कैबिनेट लाइन आर्या व बोरा बहुगुणा के पास पूर्व की सामुहिक विभाग है।
मंत्री डॉ. नौ साल बाद धन सिंह रावत को स्वास्थ्य विभाग से हटा दिया गया। अब उनके पास विद्यालयी शिक्षा, उच्च, तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा के साथ विभाग की जिम्मेदारी बनी हुई है। त्रिवेन्द्र सरकार में 2017 से डॉ. धन सिंह रावत के पास शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी थी।
धामी सरकार के मॉडल विस्तार से उनकी स्वास्थ्य महमामा को हटा दिया गया। ऍफ़. आजकल पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नौ साल में स्वास्थ्य के रेस्तरां का विस्तार करने के साथ ही डॉ.
विशेषज्ञ,सहायक अधिकारी की सेवाएं। विभाग में 10 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हैं। दुर्गम क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया है।
Wednesday, May 13

