चंपावत के सानिया गांव में पूर्व विधायक हिमेश खर्कवाल के ताऊ के बेटे अंबादत्त खर्कवाल (80) के पड़ोसी सुभाष खर्कवाल ने नाबालिग हथियार से हत्या कर दी।
अम्बादत्त घर वापस आने के कुछ ही देर बाद मर गये। पुलिस ने नवजात को गिरफ्तार कर दर्ज कर लिया है। पुनर्स्थापना के अनुसार, नवजात शिशु की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। हिमेश खरकवाल ने घटना पर गहरी शोक व्यक्त की है।
चंपावत। पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता हिमेश खरकवाल के ताऊ के बेटे अंबादत्त खरकवाल के गांव के ही एक व्यक्ति ने युद्ध में हथियारबंद हथियार से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रजिस्ट्रेशन रजिस्ट्रेशन कर ली है। साथ ही पूछताछ कर रही है। पूर्व विधायक खरकवाल ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके भाई ने अगाध को बधाई दी थी।
बेहद मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। जिला मुख्यालय से 15- 16 किलोमीटर दूर शनिवार को सानिया गांव के निवासी 80 साल के बुजुर्ग अंबादत्त खरकवाल के गांव के ही सुभाष खरकवाल ने हथियारबंद हथियार से हत्या कर दी थी। मृतक पूर्व विधायक हिमेश खरकवाल के ताऊ के लड़के और उनके चचेरे भाई थे।
अंबादत्त अपने घर में अकेले रहते थे। उनकी दो बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि शादी सुदा के दो बेटे गांव से बाहर रह रहे हैं। अंबादत्त दो दिन पहले अपने त्रिपुरा की बेटी की शादी में शामिल हो रहे थे और शुक्रवार को टनकपुर में रह रहे थे अपने बेटे के घर लापता के बाद शनिवार को ही गांव विस्थापित थे।
टनकपुर से घर पहुंचने के कुछ देर बाद ही सनकी युवाओं ने अपने गले से बार-बार मौत के घाट उतार दिया। समीक्षा के अनुसार अंबादत्त खरकवाल काफी मिलनसार थे और दुख हर सुख में लोगों के घर तक पहुंच गए थे। वे सामाजिक कार्य में भी बढ़ चढ़ कर भाग लेते थे।
साथ ही क्षेत्र के जाने माने होल्यार भी थे। जिस युवक ने अपनी हत्या की बात कही वह उसका पड़ोसी था और उसके साथ अंबादत्त का कोई झगड़ा भी नहीं था। कई बार उन्होंने अंबादत्त के साथ बातचीत भी की थी। अम्बादत्त के अनुसार शनिवार को उनकी बहू टनकपुर से चंपावत तक अपने साथ लेकर आई थी।
बहू चांपावत में किसी स्वयंसेवी संस्था की बैठक में चली गई और अंबादत्त गांव के लिए अस्त्र-शस्त्र हो गई। 15 मिनट पहले यह भी पता नहीं चला था कि उनके पड़ोसी नवयुवक सुभाष चंद्र खर्कवाल पुत्र नारायण दत्त खर्कवाल ने हाथ में पकड़ी गई बंदूक (दाती) से अपनी गर्दन पर वार कर दिया था।
अम्बादत्त लाहुलुहान पर हुए हमलों में जमीन पर गिर पड़े और उनके हथियार पर ही प्राणघातक हमला हुआ। शव के बाद आज अंतिम संस्कार होगा। वहीं पूर्व विधायक हिमेश खर्कवाल ने बताया कि उनके भाई की मौत से वे काफी आहत हैं। अपराधी की रजिस्ट्री भी पंजीकृत हो चुकी है।
कई बार ज़मीन में खींचातानी
ग्रामीणों ने बताया कि मृतक अंबादत्त को कई बार जमीन पर घसीटा गया और मौत के बाद उनके शव को कई बार युद्ध में ले जाया गया और पास में ही चारा काटने वाली मशीन के पास शव को ऐसे रख दिया गया जैसे वह बैठ गए हों।
कुछ ग्रामीण प्रत्यक्षदर्शी
कुछ रीटेल ने इस घटना को अपनी आंखों से देखा लेकिन वे डर के मारे स्थल तक नहीं पहुंच पाए। उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को जरूर दी। रीटेल ने बताया कि युवक की मानसिक हालत ठीक नहीं थी और वह तीन चार दिन से ज्यादा परेशान था।
खेतीबाड़ी करते थे अंबादत्त
दिवंगत अंबादत्त की पत्नी का निधन लगभग आठ साल पहले हुआ था। वे घर में खेती-बाड़ी बबरिया करते थे। चंपावत में बीज भंडार की दुकान बेचने वाले लाइफ उप्रेती ने बताया कि चार दिन पहले वे अपनी दुकान से चप्पन कद्दू, मीठा मिर्च, टमाटर आदि का बीज लेकर गए थे। इनमें से बड़े पुत्र उद्यान विभाग में कर्मचारी हैं, जो टनकपुर में रहते हैं। जबकि छोटे बेटे बच्चों के साथ चंपावत में रहते हैं।
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मंत्री डॉ. नौ साल बाद धन सिंह रावत को स्वास्थ्य विभाग से हटा दिया गया। अब उनके पास विद्यालयी शिक्षा, उच्च, तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा के साथ विभाग की जिम्मेदारी बनी हुई है। त्रिवेन्द्र सरकार में 2017 से डॉ. धन सिंह रावत के पास शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी थी।
धामी सरकार के मॉडल विस्तार से उनकी स्वास्थ्य महमामा को हटा दिया गया। ऍफ़. आजकल पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नौ साल में स्वास्थ्य के रेस्तरां का विस्तार करने के साथ ही डॉ.
विशेषज्ञ,सहायक अधिकारी की सेवाएं। विभाग में 10 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हैं। दुर्गम क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया है।
Wednesday, May 13

