उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में हाल ही में सामने आए नए खुलासों और वायरल ऑडियो-वीडियो के मद्देनजर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने मामले की सीबीआई जांच तथा एसआईटी जांच को दोबारा शुरू करने की मांग को और तेज कर दिया है। पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने आज जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मामले की गंभीरता, नए तथ्यों, गवाहों के बयानों में असंगतियों और संभावित सबूतों की छेड़छाड़ का हवाला देते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। ज्ञापन में एसआईटी जांच को अपूर्ण और पक्षपातपूर्ण बताते हुए इसे नए सिरे से शुरू करने तथा आवश्यकता पड़ने पर नए सदस्यों को शामिल करने की अपील की गई।
प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने प्रदर्शन के दौरान कहा, “यह मांग केवल अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय दिलाने के लिए नहीं, बल्कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी जरूरी है। नए तथ्यों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हम उम्मीद करते हैं कि सरकार शीघ्र कार्रवाई करेगी।”
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने इस प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा, “अंकिता भंडारी हत्याकांड में राजनीतिक दबाव और षड्यंत्र की गंध स्पष्ट है। नए सबूतों के सामने आने के बाद सीबीआई जांच अनिवार्य हो गई है। पीड़ित परिवार की पुकार को अनसुना नहीं किया जा सकता। यदि सरकार ने त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो हम बड़ा आंदोलन करेंगे।”
महानगर अध्यक्ष नवीन पंत ने प्रदर्शन में शामिल होकर कहा, “यह मामला केवल एक हत्या का नहीं, बल्कि महिलाओं के खिलाफ अपराध और सत्ता के दुरुपयोग का प्रतीक है। एसआईटी जांच की कमियों को दूर करने के लिए इसे दोबारा खोला जाए और सीबीआई को सौंपा जाए, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों को सजा मिले।”
ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा गया। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
गौरतलब है कि मई 2025 में कोर्ट ने तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन दिसंबर 2025 में वायरल हुए ऑडियो-वीडियो और नए आरोपों ने मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। कांग्रेस ने भी कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग उठाई है, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। इस प्रदर्शन से राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बहस एक बार फिर गर्म हो गई है।
प्रदर्शन के दौरान शिव प्रसाद सेमवाल राष्टीय अध्यक्ष , सुलोचना ईष्टवाल प्रदेश अध्यक्ष, भगवती प्रसाद नौटियाल सैनिक प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष , नवीन पंत महानगर अध्यक्ष, विनोद कोठियाल प्रचार सचिव , योगेश ईष्टवाल अध्यक्ष वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ,भगवती प्रसाद गोस्वामी जिला अध्यक्ष सैनिक प्रकोष्ठ,सुभाष नौटियाल,संगठन सचिव, दयाराम मनौड़ी जिला महामंत्री , प्रीतम नेगी, सोभित भद्री, श्रवण कुमार, शशी रावत महानगर अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ, मंजू रावत प्रचार सचिव , बसंती गोस्वामी जिला संगठन मंत्री महिला प्रकोष्ठ हेमा कोटनाला , रजनी कुकरेती मंडल अध्यक्ष ,सुमन रावत आदि दर्जनों कार्य कर्ता शामिल रहे ।
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- नौ साल बाद हटाए गए कैबिनेट मंत्री धन सिंह से स्वास्थ्य महकमा, इन दिनों पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचारमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पांच नए उद्यमों के बीच का बंटवारा कर दिया है। चार पुराने विधानमंडल के कुछ संस्थागत में हुआ है। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से स्वास्थ्य महकमा,
मंत्री सतपाल महाराज से सचिवालय, जलागम, एसडीओ उनियाल से तकनीकी शिक्षा एवं भाषा और गणेश जोशी से ग्राम्य विकास विभाग हटा दिए गए हैं। कैबिनेट लाइन आर्या व बोरा बहुगुणा के पास पूर्व की सामुहिक विभाग है।
मंत्री डॉ. नौ साल बाद धन सिंह रावत को स्वास्थ्य विभाग से हटा दिया गया। अब उनके पास विद्यालयी शिक्षा, उच्च, तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा के साथ विभाग की जिम्मेदारी बनी हुई है। त्रिवेन्द्र सरकार में 2017 से डॉ. धन सिंह रावत के पास शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी थी।
धामी सरकार के मॉडल विस्तार से उनकी स्वास्थ्य महमामा को हटा दिया गया। ऍफ़. आजकल पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नौ साल में स्वास्थ्य के रेस्तरां का विस्तार करने के साथ ही डॉ.
विशेषज्ञ,सहायक अधिकारी की सेवाएं। विभाग में 10 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हैं। दुर्गम क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया है।
Wednesday, May 13

