प्रदेश में रोड कनेक्टिविटी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने नए पुलों के निर्माण पर मुहर लगाई है।
इसके तहत 222 सिंगल लेन पुराने पुलों के स्थान पर नए पुल बनाए जाएंगे, वहीं 13 पुलों की सिलिकॉनफिटिंग के जरिए क्षमता जुटाई जाएगी।
इसके अलावा प्रभावित इलाकों में स्थित सात पुलों के विशेष भवनों को भी मंजूरी दे दी गई है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 1640 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
असल, उत्तराखंड में बड़ी संख्या में ऐसे पुल हैं, जो साल पुराने हैं और लगातार बढ़ते हुए बिजली दबाव को झेल रहे हैं।
कई जगहों पर पुलों की खंडहर स्थिति को लेकर स्थानीय लोग चिंता जता रहे हैं। वर्षा के दौरान नदियों के उफान, पहाड़ी इलाकों में गंदगी और भारी भरकम आबादी वाले पुलों पर अतिरिक्त दबाव रहता है।
कई पुलों पर भार सीमा तय होने के बावजूद ओवरलोडिंग की रिकॉर्डिंग भी सामने आ रही है। ऐसे में इस योजना में सुरक्षा व असिस्टेंट के पदों पर अहम भूमिका निभाई जा रही है।
लोक निर्माण विभाग की योजना के तहत 222 नए पुल में विभिन्न आद्यारंभों के आधार बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों को मुख्य नवीनीकरण से जोड़ने में मदद मिलेगी।
इससे कृषि, पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी गति मिलेगी, 13 पुराने पुलों को कनेक्शन दिया जाएगा। सोलरफिटिंग के माध्यम से उनकी भरण-पोषण क्षमता लागू होगी और आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी, ताकि ये भविष्य की प्रयोगशालाएं तैयार रहें।
योजना के तहत सबसे अधिक ऊंचाई 125 मीटर का पुल घनसाली और खटीमा क्षेत्र में बनाया जाएगा। ये पुल दुर्गम समुद्र तट में समुद्र तट को सुगम बनाने के साथ आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य में भी अहम भूमिका निभाएगा।
प्रदेश सरकार का मानना है कि इस योजना से न केवल खंडहर पुलों की समस्या का समाधान होगा, बल्कि प्रदेश में सुरक्षित, सुगम और सर्वव्यापी यातायात व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में दीर्घकालिक कदम सुनिश्चित करना होगा।
सभी 222 नये पुल डबल लेन मानक के मानक बनाये जायेंगे। इसके साथ ही जिन 13 पुराने पुलों का प्लांट भी फिट किया गया है, उनमें भी दो लेन के नेटवर्क स्थापित किये गये हैं। उद्देश्य भविष्य में बिजली दबाव को ध्यान में रखते हुए पुलों की चौड़ाई और भार क्षमता दोनों को मानक स्तर पर विकसित करना है,
ताकि एक साथ दोनों दिशाओं से सुचारु और सुरक्षित अवकाश संभव हो सके। इससे जाम की स्थिति कम होगी, आपदा के समय राहत कार्य में तेजी से वृद्धि होगी और ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्र तक अधिक प्रभावशाली बनेगी।
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Tuesday, July 28

