उत्तराखंड सरकार औद्योगिक निवेश वृद्धि और रोजगार सृजन के लिए लैंडबैंक की तलाश कर रही है। वैश्विक निवेशक सम्मेलन के बाद 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश निवेशकों को नीलामी में जमीन की कमी बड़ी बाधा है।
उधमसिंह नगर में 1354 में ऑक्सफोर्ड औद्योगिक भूमि पर कब्जा हुआ। कंपनी, हरिद्वार सहित अन्य शोरूम में भी लगभग 2000 में नवीन औद्योगिक क्षेत्र पर स्मारक भूमि विकसित करने की योजना है।
दवा। राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और उद्योग जगत को नई गति देने के उद्देश्य से उद्योग विभाग ने लैंडबैंक की तलाश तेजी से की है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक उद्यमियों को आकर्षित कर राज्य में नए उद्योग स्थापित किए जाएं।
रोजगार के अवसर बढ़े और आर्थिक संतुलन मजबूत हो। औद्योगिक भूमि की कमी निवेश के मार्ग में बड़ी बाधा बन रही है, जिसे दूर करने के लिए विभिन्न औद्योगिक उद्योगों की पहचान की जा रही है।
वैश्विक निवेशक सम्मेलन के दौरान राज्य में 1778 में आइडियोयू पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसके तहत लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश की ग्राउंडिंग प्रस्तावित है। इनमें से करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये के निवेश की ग्राउंडिंग है।
शेष निवेश को इक्विटी भूमि के लिए इक्विटी और सुपरमार्केट के शेयरों में निवेश की आवश्यकता है। लैंडबैंक की तैयारी से लेकर जल्द ही भूमि तक संभावित और शेयरधारकों के लिए तेजी से शामिल होने की संभावना है।
ऊधमसिंह नगर में 1354.14 भूमि पर नवीन उद्योग
सिडकुल, उधमसिंह नगर के प्राग फार्म क्षेत्र में 1354.14 लंका भूमि पर औद्योगिक एसोसिएशन का मार्ग खराब हो गया है। राज्य संग्रहालय ने इस भूमि से जुड़े शासनादेश में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दे दी है।
यहां बड़े पैमाने पर बड़े पैमाने पर उद्यमों की स्थापना की संभावना है। इससे न केवल औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
सीमित औद्योगिक क्षेत्र विस्तार में
राज्य में कृषि उत्पादों की संख्या में वृद्धि और डेयरी उद्योग, कृषि उद्योग, कृषि भूमि की कमी सामने आ रही है। उधमसिंह नगर, फैक्ट्री और हरिद्वार जैसे मैदानी क्षेत्र उद्योग उद्यमियों की पहली पसंद बने हैं।
वर्तमान उत्तराखंड में 93,883 उद्योग स्थापित हैं, जिनमें 330 बड़े उद्योग शामिल हैं। लगभग 55,588 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है, लेकिन नए उद्यम की स्थापना से प्रभावित हो रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देशन में औद्योगिक क्षेत्र: पैंडाल
उद्योग सचिव विनय शंकर पैगेल ने बताया कि उधमसिंह नगर में 1300 ओक से अधिक भूमि पर सुऔद्योगिक क्षेत्र विकसित हुआ। मुख्यमंत्री के निदेशकों में कार्मिक, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, सचिवालय, सचिवालय, उत्तरकाशी आदि उद्यमों में भी करीब 2000 स्मारक भूमि पर नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। इससे निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ ही प्रदेश में रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे
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- नौ साल बाद हटाए गए कैबिनेट मंत्री धन सिंह से स्वास्थ्य महकमा, इन दिनों पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचारमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पांच नए उद्यमों के बीच का बंटवारा कर दिया है। चार पुराने विधानमंडल के कुछ संस्थागत में हुआ है। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से स्वास्थ्य महकमा,
मंत्री सतपाल महाराज से सचिवालय, जलागम, एसडीओ उनियाल से तकनीकी शिक्षा एवं भाषा और गणेश जोशी से ग्राम्य विकास विभाग हटा दिए गए हैं। कैबिनेट लाइन आर्या व बोरा बहुगुणा के पास पूर्व की सामुहिक विभाग है।
मंत्री डॉ. नौ साल बाद धन सिंह रावत को स्वास्थ्य विभाग से हटा दिया गया। अब उनके पास विद्यालयी शिक्षा, उच्च, तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा के साथ विभाग की जिम्मेदारी बनी हुई है। त्रिवेन्द्र सरकार में 2017 से डॉ. धन सिंह रावत के पास शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी थी।
धामी सरकार के मॉडल विस्तार से उनकी स्वास्थ्य महमामा को हटा दिया गया। ऍफ़. आजकल पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नौ साल में स्वास्थ्य के रेस्तरां का विस्तार करने के साथ ही डॉ.
विशेषज्ञ,सहायक अधिकारी की सेवाएं। विभाग में 10 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हैं। दुर्गम क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया है।
Wednesday, May 13

