मुख्यमंत्री ने राज्य में भूमि एसोसिएटेड मस्जिद का समाधान करने के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और पुलिस विभाग दीपम सेठ को निर्देश दिए कि सभी आवासीय भूमि एसोसिएट्स के समाधान के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
सभी संबद्ध मामलों का उल्लेख एक माह की समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस अभियान के अंत तक भूमि विवाद से संबंधित सामग्रियों को शून्य स्तर तक लाया जाएगा।
सीएम धामी ने कहा कि भूमि विवाद आम नागरिकों की समस्याओं से सीधे जुड़ा हुआ है और इसका कारण कानून व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक व्यवस्था पर भी विपरीत प्रभाव है।
सरकार की प्रतिज्ञा है कि ऐसे लोगों का समाधान और न्यायसंगत समाधान हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान के दौरान संकेत मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान न किया जाए।
सीएम ने कहा कि तहसील स्तर पर उप-मानक (एसडीएसएम) की राष्ट्रपति समितियों में नामांकन की आवश्यकता है। इन दस्तावेजों में संबंधित पुलिस क्षेत्र अधिकारी (सीओ) और चाक-चौबंद विभाग के अधिकारी भी सदस्य के रूप में शामिल हैं, जिससे अभियोजन, राजस्व और पुलिस समन्वय के माध्यम से मस्जिद का प्रभावशाली समाधान निकाला जा सके।
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- नौ साल बाद हटाए गए कैबिनेट मंत्री धन सिंह से स्वास्थ्य महकमा, इन दिनों पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचारमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पांच नए उद्यमों के बीच का बंटवारा कर दिया है। चार पुराने विधानमंडल के कुछ संस्थागत में हुआ है। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से स्वास्थ्य महकमा,
मंत्री सतपाल महाराज से सचिवालय, जलागम, एसडीओ उनियाल से तकनीकी शिक्षा एवं भाषा और गणेश जोशी से ग्राम्य विकास विभाग हटा दिए गए हैं। कैबिनेट लाइन आर्या व बोरा बहुगुणा के पास पूर्व की सामुहिक विभाग है।
मंत्री डॉ. नौ साल बाद धन सिंह रावत को स्वास्थ्य विभाग से हटा दिया गया। अब उनके पास विद्यालयी शिक्षा, उच्च, तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा के साथ विभाग की जिम्मेदारी बनी हुई है। त्रिवेन्द्र सरकार में 2017 से डॉ. धन सिंह रावत के पास शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी थी।
धामी सरकार के मॉडल विस्तार से उनकी स्वास्थ्य महमामा को हटा दिया गया। ऍफ़. आजकल पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नौ साल में स्वास्थ्य के रेस्तरां का विस्तार करने के साथ ही डॉ.
विशेषज्ञ,सहायक अधिकारी की सेवाएं। विभाग में 10 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हैं। दुर्गम क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया है।
Wednesday, May 13

