उत्तराखंड में तकरीबन 200 करोड़ से ज्यादा की लागत से प्रदेश की पहली खेल यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है. जिसे अब केंद्र से भी फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिल गया है. अब उम्मीद है कि जल्द ही उत्तराखंड स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का काम शुरू हो जाएगा.
देश पर की सभी खेल यूनिवर्सिटीज का अध्ययन करने के बाद उत्तराखंड में बनाई जा रही अत्यधिक हाईटेक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की अब रहा खुल गई है. हल्द्वानी गौलापार में प्रस्तावित 105 एकड़ में इस खेल यूनिवर्सिटी में 30 एकड़ के करीब वन विभाग की जमीन भी शामिल थी. इस पर क्लीयरेंस केंद्र से पिछले लंबे समय से लटका हुआ था. जिसे अब मंजूरी मिल गई है. केंद्र से क्लीयरेंस मिलने के बाद खेल यूनिवर्सिटी के निर्माण को लेकर खेल विभाग ने खुशी जाहिर की है.
उत्तराखंड खेल यूनिवर्सिटी के पहले वॉइस चांसलर और खेल विभाग ने विशेष सचिव अमित सिन्हा ने बताया मानसखंड खेल विश्वविद्यालय हल्द्वानी के निर्माण को लेकर डीपीआर बिल्कुल तैयार है. वहीं, इस डीपीआर के तहत बनाए जाने वाले एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक, खेल के मैदान और आवासीय हॉस्टल्स बनाने को लेकर कुछ ऐसा वन भूमि का भी शामिल था. जिसको लेकर प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था. उन्होंने कहा इस पर केंद्र से क्लीयरेंस मिलने के बाद अब जल्द ही इसे आगे बढ़ाया जाएगा.
अमित सिन्हा ने कहा केंद्र से मिली क्लीयरेंस के बाद तेज गति से धरातल पर काम किया जाएगा. उम्मीद की जा सकती है कि अगले सत्र 2026 से उत्तराखंड खेल विश्वविद्यालय का पहला बैच शुरू कर दिया जाएगा.
केंद्र से मिली फॉरेस्ट क्लीयरेंस के बाद प्रमुख वन संरक्षक आरके मिश्र ने बताया यह उत्तराखंड के लिए बेहद खुशी की बात. उन्होंने कहा उत्तराखंड खेल यूनिवर्सिटी के लिए केंद्र से क्लीयरेंस मिल गई है. उन्होंने कहा वन विभाग का फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट किसी विकास कार्य को रोकने के लिए नहीं बल्कि उसको आगे बढ़ाने के लिए बनाया गया है. उन्होंने कहा फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट में जो प्रोविजन दिए गए हैं अगर उनका समय से और सही तरीके से पालन किया जाए तो क्लीयरेंस मिलने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होती है.
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मंत्री सतपाल महाराज से सचिवालय, जलागम, एसडीओ उनियाल से तकनीकी शिक्षा एवं भाषा और गणेश जोशी से ग्राम्य विकास विभाग हटा दिए गए हैं। कैबिनेट लाइन आर्या व बोरा बहुगुणा के पास पूर्व की सामुहिक विभाग है।
मंत्री डॉ. नौ साल बाद धन सिंह रावत को स्वास्थ्य विभाग से हटा दिया गया। अब उनके पास विद्यालयी शिक्षा, उच्च, तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा के साथ विभाग की जिम्मेदारी बनी हुई है। त्रिवेन्द्र सरकार में 2017 से डॉ. धन सिंह रावत के पास शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी थी।
धामी सरकार के मॉडल विस्तार से उनकी स्वास्थ्य महमामा को हटा दिया गया। ऍफ़. आजकल पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नौ साल में स्वास्थ्य के रेस्तरां का विस्तार करने के साथ ही डॉ.
विशेषज्ञ,सहायक अधिकारी की सेवाएं। विभाग में 10 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हैं। दुर्गम क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया है।
Wednesday, May 13

