सीएम धामी के सख्त निर्देश: कानून व्यवस्था पर कोई सहमति नहीं”
” पुलिस का कारखाना कल्चर सुराजे, आम आदमी को न सताया जाए: मुख्यमंत्री”
” दिल्ली एक्सप्रेसवे के बाद पर्यटन उथल-पुथल को लेकर सरकार की उम्मीदें”
” लैंड फ्रॉड पर मजबूत सख्त कानून, ऋण को कोई राहत नहीं”
” नशा मुक्ति को जन आंदोलन बनाएगी सरकार”
” मुख्यमंत्री की घोषणा 100% अनिवार्य”
” कैंची धाम हाथी जून तक होगा पूरा”
” पुलिस की रात्रिकालीन बैस्टमास्टर, इलेक्ट्रानिक पर कासेगा मूर्तियां”
“ 1905 पर जीरो पेंडेंसी का लक्ष्य”
“ इन्हें कागज़ों में नहीं, ज़मीन पर देखना चाहिए: मुख्यमंत्री”
प्रॉसिक्यूशन व्यवस्था पर सीएम धामी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि प्रॉसिक्यूशन प्रॉफिट नहीं होना चाहिए। प्रॉसिक्यूशन अधिकारियों के पासपोर्ट पासपोर्ट जाये
मुख्यमंत्री पुश्ते
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस और प्रशासन के प्रत्येक विभाग में आम जनमानस के प्रतिनिधि, मुखिया और कानून के साथ काम करें।
आज सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखिल भारतीय डीजी/आईजी सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्षों की समीक्षा करते हुए राज्य की कानूनी व्यवस्था, एकल व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटन प्रबंधन, राजस्व, नशा मुक्ति, अभियोजन, कारागार सुधार एवं जनशिकायत शिखर सम्मेलन से जुड़े विषयों पर गहन समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के बाद राज्य में ट्रेनों की संख्या में भारी वृद्धि होगी। इसमें होटल, आवास, वाणिज्य, एनीमेशन, प्रबंधन और व्यवस्था सुरक्षा से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियों को समय-समय पर पूरी तरह से शामिल करने के लिए प्रोजेक्ट पर नजर डाली गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में नामांकन नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कैंची धाम पर मिट्टी जून माह तक पूरी कर ली जाएगी, जिससे किसानों और नदियों को बड़ी राहत मिलेगी।
पुलिस व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि थाना चौकिया सहित कार्यशाला कल्चर में स्थायी सुधार किया जाए। आम आदमी के साथ मानवता, पुजारी और धारक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। किसी भी तरह से किसी भी तरह की शिकायत किसी भी तरह से किसी भी तरह से की जा सकती है।
चीफ़ ने लैंड फ़्रॉड के मामलों पर कठोर क़ानून बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़े विपक्षी लोगों को किसी भी सूरत में बक्शा नहीं दिया जाएगा।
अपराध नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि आत्ममंथन की भी आवश्यकता है। पुलिस और प्रशासन के सभी ठिकानों के बीच प्रभावशाली समन्वय स्थापित किया जाए।
व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राजस्व के वैकल्पिक स्रोत में बढ़ोतरी की जाए, राजस्व विभाग के आउटकम का आकलन किया जाए और राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को स्पष्ट करने के लिए राज्य में शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा से संबंधित कंपनी पर तत्काल और गंभीर नॉमिनल लगाया जाए। कानूनी व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं होता है।
जनशिकायत चोट को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए गए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री घोषणा करें कि 100 प्रतिशत शेयरधारकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। योजनाओं में केवल उपकरण शामिल नहीं हैं, बल्कि भाग लेने वाले विशेषज्ञ शामिल होने चाहिए। परिभाषा का नियमित भौतिक सत्यापन हो तथा गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिया कि आपराधिक मामलों की सूची में से किसी को भी रोजगार न मिले। रात्रि गश्त को और अधिक स्थिर किया जाए और निरंतर पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए।
जन आंदोलन को नशा मुक्ति अभियान के रूप में संचालित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले से मासिक नशा मुक्ति रिपोर्ट पर सीधे शासन लागू किया जाए, नियमित समीक्षा गृह सचिव एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा की जाएगी।
अभियोजन व्यवस्था में मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए। प्रॉसिक्यूशन अधिकारियों के लाइसेंस प्राप्त लाइसेंस।
कारागार विभाग की समीक्षा में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने बंदियों के लिए विचारधारा वाली पत्रिकाएं बनाईं, नारा लगाने वालों के लिए प्रभावशाली संस्थागत एवं मानवाधिकारों के पालन के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिला अभिलेखों के निर्देश दिए कि नदी-नालों और सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध निर्माणों के लिए संबंधित क्षेत्रों के अभिलेख, लेखपाल, पटवारी की स्थापत्य तय की जाए। अपराधियों का उल्लंघन करने वालों और ऐसे निरीक्षणों को सुरक्षा प्रदान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि के जमीन के रसायन के लिए तहसील स्तर पर पिज्जा की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने 1905 में नॉमिनल की नियमित समीक्षा कर जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
उन्होंने सभी जिला अभिलेखों को निर्देश देते हुए कहा कि अगले 6 माह में प्रत्येक जिले के विशेष अभियान में 100 प्रतिशत की सीमा तय की जाएगी।
डिजिटल अवेंशन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे केवल लागू किया जाए न समझा जाए, बल्कि पूरी कंपनी के साथ साझेदारी पर लागू किया जाए।
चारधाम यात्रा के उद्यमियों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश

