अंकिता भंडारी के न्याय के लिए, वीआईपी बताए जा रहे भाजपा नेताओं को न्याय के कठघरे में खड़ा करने के लिए आज देहरादून की सड़कों पर उमड़ा हुजूम इस बात की गवाही है कि न्याय होने तक संघर्ष की यह मशाल जलती रहेगी.
वीआईपी की यारी, धाकड़- हैंडसम धामी को पड़ेगी भारी !



