देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र स्थित दून विहार कॉलोनी में स्वतंत्र पत्रकार पंकज मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। 52 वर्षीय पंकज मिश्रा का शव उनके किराये के मकान में मिला, जहां वह अपनी पत्नी के साथ रहते थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह घटना सोमवार देर रात की बताई जा रही है, जबकि मंगलवार सुबह उनके बेसुध पाए जाने के बाद पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पंकज मिश्रा की पत्नी ने पुलिस को बताया कि सोमवार रात करीब साढ़े तीन बजे पंकज को पेट दर्द की शिकायत हुई थी, जिसके बाद वह टॉयलेट गए। बाहर निकलते समय वह फिसलकर गिर पड़े। वजन अधिक होने के कारण वह उन्हें उठाकर बेड तक नहीं ले जा सकीं, इसलिए वहीं कंबल ओढ़ा दिया। इसके बाद वह खुद सो गईं। सुबह जब पंकज नहीं उठे तो मकान मालिक को सूचना दी गई और पुलिस को बुलाया गया।
मामले को संदिग्ध बनाने वाली एक अहम कड़ी यह भी है कि मौत से कुछ घंटे पहले पंकज के घर पर शराब पीने के दौरान विवाद हुआ था। जानकारी के मुताबिक सोमवार शाम पंकज मिश्रा ने दो अन्य लोगों के साथ शराब पी थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर झगड़ा और मारपीट हो गई थी। घटना की सूचना मिलने पर चीता पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस के अनुसार पंकज नशे की हालत में थे और उन्होंने मेडिकल जांच कराने या लिखित शिकायत देने से इनकार कर दिया था, जिसके चलते पुलिस उस समय वापस लौट गई थी।
अगली सुबह जब पुलिस को दोबारा सूचना मिली कि पंकज बेसुध पड़े हैं, तब उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मृतक के शरीर पर बाहरी तौर पर किसी तरह की गंभीर चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। देर शाम पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन प्राथमिक तौर पर मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। इसी कारण विसरा सुरक्षित रखवाया गया है, जिसे फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उन्होंने क्या खाया-पिया था और मौत का कारण क्या रहा।
पुलिस के अनुसार पंकज मिश्रा मूल रूप से लखनऊ के निवासी थे और देहरादून में अपनी 30 वर्षीय पत्नी के साथ किराये पर रहते थे। वह कहीं नौकरी या व्यवसाय नहीं करते थे और स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते थे। जिन लोगों के साथ उन्होंने शराब पी थी, वे भी सोशल मीडिया से जुड़े पोर्टल संचालित करने वाले बताए जा रहे हैं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि पति-पत्नी की उम्र में काफी अंतर होना और बाथरूम के बाहर गिरने के बाद पत्नी का वहीं कंबल ओढ़ाकर सो जाना जांच के दायरे में है। हालांकि पत्नी ने पूछताछ में बताया कि पंकज नियमित रूप से अत्यधिक शराब पीते थे और उन्हें शुगर व बीपी की बीमारी थी। अधिक वजन के कारण वह पहले भी कई बार नशे की हालत में घर में ही बेसुध होकर सो जाते थे।
एसएसपी ने बताया कि लखनऊ में रह रहे पंकज मिश्रा के परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके देहरादून पहुंचने के बाद यदि कोई लिखित शिकायत दी जाती है तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
ब्रेकिंग न्यूज़ -
- उत्तराखंड में आईपीएस अधिकारियों के तबादले, दो अफसर कुंभ मेले के लिए तैनात, देखिये लिस्ट
- गंगा घाटी के कई प्रधानो ने दिया 2027 के लिए विधायक संजय डोभाल को अपना समर्थन
- युवा मोर्चा कि उत्तरी नई टीम…. राणा
- यमनोत्री विधानसभा मेविधायक संजय डोभाल द्वारा विकास कि एक और सौगात
- उत्तराखंड में 15वें वित्त आयोग का अनुदानराशि जारी करने के लिए…..
- देहरादून में ओवरटेक से नाराज कार सवारों ने की अंधाधुंध फायरिंग, मॉर्निंग वॉक कर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत
- कैबिनेट बैठक खत्म, 16 प्रस्तावों पर लगी मुहर
- मंत्रिमंडल विस्तार के बाद धामी कैबिनेट की पहली बैठक शुरू, लिए जा सकते हैं महत्वपूर्ण फैसले
धामी कैबिनेट की आज की बैठक में पांच नए मंत्री शामिल होंगे, पंचायतीराज, परिवहन, वन और शिक्षा महकमों को लेकर बड़े निर्णय हो सकते हैं - अचानक Sonia Gandhi की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती, राहुल-प्रियंका भी पहुंचे
- नौ साल बाद हटाए गए कैबिनेट मंत्री धन सिंह से स्वास्थ्य महकमा, इन दिनों पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचारमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पांच नए उद्यमों के बीच का बंटवारा कर दिया है। चार पुराने विधानमंडल के कुछ संस्थागत में हुआ है। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से स्वास्थ्य महकमा,
मंत्री सतपाल महाराज से सचिवालय, जलागम, एसडीओ उनियाल से तकनीकी शिक्षा एवं भाषा और गणेश जोशी से ग्राम्य विकास विभाग हटा दिए गए हैं। कैबिनेट लाइन आर्या व बोरा बहुगुणा के पास पूर्व की सामुहिक विभाग है।
मंत्री डॉ. नौ साल बाद धन सिंह रावत को स्वास्थ्य विभाग से हटा दिया गया। अब उनके पास विद्यालयी शिक्षा, उच्च, तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा के साथ विभाग की जिम्मेदारी बनी हुई है। त्रिवेन्द्र सरकार में 2017 से डॉ. धन सिंह रावत के पास शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी थी।
धामी सरकार के मॉडल विस्तार से उनकी स्वास्थ्य महमामा को हटा दिया गया। ऍफ़. आजकल पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नौ साल में स्वास्थ्य के रेस्तरां का विस्तार करने के साथ ही डॉ.
विशेषज्ञ,सहायक अधिकारी की सेवाएं। विभाग में 10 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हैं। दुर्गम क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया है।
Wednesday, May 13

