

मुख्यमंत्री धामी ने संत समुदाय का मूल्यांकन करते हुए कहा कि उनकी हर सलाह का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अर्धकुंभ 2027 एक शानदार आयोजन होगा, जिसके लिए युद्धस्तर पर व्यवस्थाएं आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने इस बात की भी पुष्टि की कि 13 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन मेले की शुरुआत होगी।
पहली बार चार शाही स्नान, पारंपरिक ऐतिहासिक विस्तार
बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि रही अर्धकुंभ 2027 की प्रमुख स्नान तिथियों की घोषणा की गई। संत समाज ने इस बार एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए पहली बार चार शाही अमृत स्नान कराए हैं। यह चरण प्राचीन पुरातन युग में एक महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय विकास माना जा रहा है।

14 जनवरी 2027 – मकर संक्रांति
6 फरवरी 2027 – मौनी संक्रांति
11 फरवरी 2027 – बसंत पंचमी
20 फरवरी 2027 – माघ पूर्णिमा
