उत्तरकाशी के स्थानीय लोगों में बाबा बौखनाग को लेकर बड़ी मान्यता है. इन्हें पहाड़ों का रक्षक कहा जाता है. नौगांव में पहाड़ों के बीचों-बीच बाबा बौखनाग का मंदिर है. यहां के स्थानीय लोग बाबा बौखनाग को अपना ईष्ट देवता मानते हैं. मान्यता है कि, बाबा बौखनाग की उत्पत्ति नाग के रूप में हुई है.
सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए जब रेस्क्यू ऑपरेशन में बार-बार बाधाएं आ रही थीं, तब उत्तरकाशी की सिल्क्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बचाने के लिए आस्था का भी सहारा लिया गया और टनल के मुहाने पर बौखनाग देवता का मंदिर स्थापित किया गया. इस मंदिर में प्रतिदिन पूजा-पाठ किए गए. जिस दिन मजदूर सुरंग से बाहर निकले, उसके ठीक एक दिन पहले टनल के पास बनाए गए मंदिर के पीछे रिसाव से महादेव की आकृति सी बन गई, जिसे लोगों ने बाबा बौखनाग का साक्षात दर्शन कहा और इसके बाद लोग कहने लगे कि, रेस्क्यू ऑपरेशन सक्सेस होने के लिए बाबा बौखनाथ देवता वहां उपस्थित हुए.
इस मेले में आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री चंद्र मोहन सिंह jayara जी सचिव रोहित jayara जी ग्राम प्रधान विनोद jayara जी कोषाध्यक्ष सुमित jayara जी पूर्व प्रधान अनिल jayara जी पूर्व प्रधान जगेंद्र सिंह jayara जी यशपाल jayara जी संदीप jayara जी समस्त ग्राम वासियो ने मेले का आनंद लिया।
न्यूज़ ब्येरो -गंगा न्यूज़ उत्तरकाशी

