
🚨 अनुशासन पर ‘दाग’: गणतंत्र दिवस की गरिमा भूले दो IPS अधिकारी, IG मुख्यालय करेंगे जांच! 👮♂️⚖️
देहरादून: उत्तराखंड पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दो वरिष्ठ IPS अधिकारियों के खिलाफ राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को दरकिनार करने के मामले में जांच के आदेश दिए गए। DGP दीपम सेठ ने इस गंभीर लापरवाही का संज्ञान लेते हुए जांच की जिम्मेदारी IG मुख्यालय डॉ. सदानंद दाते को सौंपी है।
📑 क्या है पूरा मामला?
गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की रैतिक परेड में शामिल होने के लिए निर्धारित सेरेमोनियल यूनिफॉर्म का प्रोटोकॉल अनिवार्य होता है, लेकिन दो अधिकारियों का रवैया चर्चा का विषय रहा:
IPS जितेंद्र मेहरा (हरिद्वार): आप निर्धारित सेरेमोनियल ड्रेस के बजाय रेगुलर यूनिफॉर्म पहनकर ही परेड में पहुंच गए। एक IPS रैंक के अधिकारी द्वारा वर्दी के प्रोटोकॉल की अनदेखी को अनुशासनहीनता माना जा रहा है।
IPS कुश मिश्रा (देहरादून): आप तो परेड के कार्यक्रम में पहुंचे ही नहीं। राष्ट्रीय पर्व जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर अनुपस्थित रहना प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है। गौरतलब है कि कुश मिश्रा पहले भी दो अन्य मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं।
🔍 IG मुख्यालय को सौंपी गई जांच
डीजीपी दीपम सेठ ने स्पष्ट किया है कि दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। आईजी डॉ. सदानंद दाते इस बात की जांच करेंगे कि आखिर किन परिस्थितियों में इन अधिकारियों ने निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया।
📢 “वर्दी की मर्यादा सर्वोपरि” एक पुलिस अधिकारी के लिए वर्दी और राष्ट्रीय पर्व का प्रोटोकॉल सबसे ऊंचा होता है। जब शीर्ष अधिकारी ही अनुशासन की लकीर को धुंधला करेंगे, तो मातहतों के बीच क्या संदेश जाएगा? यह जांच विभाग में अनुशासन का नया उदाहरण पेश कर सकती है।
क्या आपको लगता है कि वर्दी और प्रोटोकॉल का पालन न करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय दें। 👇
#UttarakhandPolice #IPSNews #Discipline #DehradunUpdates #HaridwarNews #DeepamSeth #PoliceInvestigation #LawAndOrder #NationalFestival

