देहरादून: उत्तराखंड की धामी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए आखिरकार नियमितीकरण को लेकर संशोधित नियमावली लागू कर दी है. इसके तहत अब प्रदेश में 10 सालों से नियत तिथि तक काम करने वाले कर्मियों को नियमित किया जा सकेगा. जानिए संशोधित नियमावली का किन कर्मचारियों और कब से मिलेगा फायदा.
उत्तराखंड में बीते लंबे समय से लंबित पड़े मामले में आखिरकार धामी सरकार ने फैसला ले लिया है. राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय के क्रम में विनियमितीकरण नियमावली-2013 में संशोधन करते हुए दैनिक वेतन, कार्य प्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ रूप में नियुक्त कार्मिकों का संशोधित विनियमितीकरण नियमावली-2025 जारी कर दी गई है.
संसद का शीतकालीन सत्र
नैनीताल हाईकोर्ट
election commission
❯
ETV Bharat Uttarakhand
उत्तराखंड
uttarakhand
Language Menu
English
हिंदी
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड
छत्तीसगढ़
झारखंड
दिल्ली
बिहार
मध्य प्रदेश
राजस्थान
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
অসমীয়া
বাংলা
ગુજરાતી
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
मराठी
ଓଡିଆ
ਪੰਜਾਬੀ
தமிழ்
తెలుగు
ఆంధ్రప్రదేశ్
తెలంగాణ
اردو
ETV Bharat / state
खुशखबरी! उत्तराखंड में नियमित होंगे संविदा कर्मचारी, नोटिफिकेशन जारी
धामी सरकार ने संशोधित विनियमितीकरण नियमावली 2025 का नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसका लाभ संविदा कर्मचारियों को मिलेगा.
Etv Bharat
फाइल फोटो. (ETV Bharat)
author img
By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 5, 2025 at 7:09 PM IST
Updated : December 5, 2025 at 7:48 PM IST
2 Min Read
Choose ETV Bharat
देहरादून: उत्तराखंड की धामी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए आखिरकार नियमितीकरण को लेकर संशोधित नियमावली लागू कर दी है. इसके तहत अब प्रदेश में 10 सालों से नियत तिथि तक काम करने वाले कर्मियों को नियमित किया जा सकेगा. जानिए संशोधित नियमावली का किन कर्मचारियों और कब से मिलेगा फायदा.
उत्तराखंड में बीते लंबे समय से लंबित पड़े मामले में आखिरकार धामी सरकार ने फैसला ले लिया है. राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय के क्रम में विनियमितीकरण नियमावली-2013 में संशोधन करते हुए दैनिक वेतन, कार्य प्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ रूप में नियुक्त कार्मिकों का संशोधित विनियमितीकरण नियमावली-2025 जारी कर दी गई है.
उत्तराखंड में नियमित होंगे संविदा कर्मचारी (ETV Bharat)
सचिव कार्मिक शैलेश बगोली द्वारा इस संबंध में शुक्रवार को अधिसूचना निर्गत की गई. संशोधित नियमावली के अनुसार अन्य शर्तें पूर्ण करने पर दैनिक वेतन, कार्य प्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ रूप से नियुक्त वे कार्मिक विनियमितीकरण हेतु पात्र होंगे, जिन्होंने दिनांक चार दिसंबर 2018 तक इस रूप में कम से कम 10 वर्ष की निरन्तर सेवा उस पद या समकक्ष पद पर पूर्ण कर ली हो.
वहीं संशोधन से पूर्व यह व्यवस्था थी कि नियमावली में उल्लिखित अन्य शर्तें पूर्ण करने पर दैनिक वेतन, कार्य प्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ रूप से नियुक्त वे कार्मिक विनियमितीकरण हेतु पात्र थे, जिन्होंने वर्ष 2013 की नियमावली के प्रख्यापन की तिथि को इस रूप में कम से कम पांच वर्ष की निरन्तर सेवा उस पद या समकक्ष पद पर पूर्ण कर ली हो. हालांकि उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पांच साल की इस नियमावली पर रोक लगा दी थी और 2018 के बाद से ही ये मामला लंबित है. हालांकि अब मामले में समय सीमा को 10 साल करते हुए संशोधित नियमावली लागू कर दी गई है. दूसरी तरफ उपनल कर्मचारी भी इस नियमावली के आने के बाद खुद को भी नियमित करने की मांग कर रहे हैं और सरकार से इस पर गंभीरता से विचार करने की बात कह रहे हैं.

