देहरादून: साल 2022 में क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र के सुभाष नगर इलाके में स्थित कोठी पर जेसीबी चलाकर भूमाफियाओं की ओर से कब्जा करने के प्रयास मामले में राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने बड़ा फैसला सुनाया है. मामले में प्राधिकरण ने तत्कालीन एसएसपी जन्मेजय खंडूरी और तत्कालीन थाना प्रभारी नरेंद्र गहलावत के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है. जिस पर उनकी मुश्किलें बढ़ गई है.
क्या था मामला? बता दें कि शिकायतकर्ता कुसुम कपूर पत्नी विनोद कुमार कपूर निवासी सोसाइटी एरिया सुभाष नगर, क्लेमेंटटाउन (देहरादून) ने पुलिस पर भूमाफियाओं के साथ मिलीभगत और समय पर कार्रवाई न करने का आरोप था. जिसकी शिकायत उन्होंने राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण से की थी. जिसमें बताया था कि उनका परिवार सोसाइटी एरिया, सुभाष नगर, क्लेमेंटटाउन देहरादून में बीते 25 सालों से रहता है.
दिवंगत नेवी ऑफिसर गैलेंट्री अवॉर्ड सम्मानित वीके कपूर की पत्नी कुसुम कपूर का कहना था कि वो 69 वर्षीय वृद्ध, विधवा और बीमार महिला है. जबकि, अविवाहित बेटी टीना कपूर (मानसिक रूप से विकलांग) के साथ संपत्ति पर निवास करती हैं. इस संपत्ति के विधिक स्वामी उनके पति कमाडोर वीके कपूर की नानी है, जो कि जर्मनी में रहती हैं. बीती 7 जनवरी 2022 को वो इलाज के लिए नोएडा गई थी.
उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया था कि उनकी गैर मौजूदगी का लाभ उठाकर कीमती सामान, दस्तावेज, जेवरात ओर सैन्य सेवा संबंधित अवार्डस ट्रकों में भर कर ले जाने लगे. जिसकी जानकारी सुबह करीब 8:30 बजे उनकी बेटी प्रीति खट्टर को मिली. जिसमें बताया कि मकान में लूटपाट हो रही है और जेसीबी लगाई हुई है.
उनका कहना था कि प्रीति खट्टर के पति आनंद खट्टर ने क्लेमेंटटाउन थाना प्रभारी नरेंद्र गहलावत को फोन कर इसकी जानकारी दी, लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी तोड़ फोड़ रोकने का प्रयास नहीं किया. वो अधिवक्ता, उच्चाधिकारियों को फोन मिलाते रहे. बार-बार थाने के चक्कर लगाते रहे. कुसुम कुपूर का कहना था कि 3 घंटे का सफर पूरा कर समय करीब 12:30 बजे नोएडा से देहरादून पहुंची. घर में तोड़ फोड़ जारी थी.


