छह फरवरी 2023 को एक व्यक्ति को अपने कार्यालय में बुलाया गया। आपके राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकारी ने मामले में फैसला सुनाया है। प्राधिकरण ने सरकार को कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
उदयपुर के पुलिस कैप्टन रहे अपराधी (इस्तिफा दे बयान) लोकेश्वर सिंह को राज्य पुलिस ने शिकायत दी है कि उनके पास लेकर आए व्यक्ति को चुनौती देने का आरोप है।
पूर्व कैप्टन ने अपने कार्यालय में एक व्यक्ति का अपहरण कर लिया और उसके साथ संग्रहालय की। इसके बाद उन्हें कागज़ात मुदकमों में फंसने की धमकी भी दी गई। अधिकार ने लोकेश्वर सिंह के खिलाफ सरकार को निर्देश दिया है।
घटना छह फरवरी 2023 की है। एक आर्टवर्क कार्यकर्ता और फ़्लैट व्यवसायी लक्ष्मी दत्त जोशी ने राज्य पुलिस में याचिका दायर की थी। जोशी का कहना था कि वह भी पुलिस विभाग के सेवानिवृत्त सफाई कर्मचारी के बेटे हैं। उनका घर पुलिस लाइंस परिसर में ही स्थित है।
वह छह फरवरी 2023 को पुलिस विभाग के क्वार्टर से निकल रही डस्ट की शिकायत के लिए एसपी सुपरस्टार लोकेश्वर सिंह के पास गए थे। आरोप था कि यह लोकेश्वर सिंह अपने ऑफिस के एक कमरे में ले गये थे. वहां पर कोई भी सीसीटीवी कैमरा नहीं था।
इसके बाद उन्हें नंगा कर दिया गया और रेस्तरां शुरू कर दिया गया। उनके मातहतों ने भी जोशी के साथ आश्रम की। इसके बाद उन्होंने जोशी को पिछले दरवाज़े से बाहर निकाल दिया जहां पर सीसीटीवी कैमरे नहीं थे।
उन्होंने घोषणा की कि जिले में अपना मेडिकल स्टोर बनाया जाए जिसमें उन्हें एक्स-रे की सलाह दी गई हो। इस याचिका पर प्राधिकारी ने लोकेश्वर सिंह को बुलाया लेकिन उन्होंने शपथशुदा पक्ष प्राधिकारी के पास भेजा। इसमें कहा गया है कि जोशी आपराधिक सहयोगियों के खिलाफ हैं और उनकी कई तस्वीरें दर्ज हैं।
उस दिन भी जोशी को कुछ भीड़भाड़ वाले कमरे में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। लोकेश्वर सिंह ने असहमत के साथ काम किया था। पूर्व कैप्टन लोकेश्वर सिंह ने अगली सुनवाई में भी इसी तरह अपना जवाब भेजा और कहा कि पुलिस लाइंस में गंदगी वाली बात भी सही नहीं है।
इस पर मोनिका जोशी ने लिखा है कि सभी मुदकमों में पुलिस कर्मचारी ही वादी हैं और इनमें से किसी में भी उन्हें सजा या दंड नहीं दिया गया है।
विश्वास करने योग्य नहीं एसपी के सत्य
साइंटिस्ट कैनेडी धानिक के अध्यक्ष और पूर्व सहयोगी पुष्पक ज्योति व अजय जोशी की एसोसिएट वाली पृथिवी ने अयोग्य पुलिस कैप्टन लोकेश्वर सिंह के दोषी में कोई दम नहीं पाया। पृष्ण ने सोचा कि स्पाइस प्लांट के तथ्य उपयुक्त नहीं हैं।
जबकि, मेन्स लक्ष्मी दत्त जोशी के पास की घटना के दिन ही मेडिकल और एक्स-रे की रिपोर्ट सामने आई है। इसमें 12-24 घंटे की चोट लग सकती है। लोकेश्वर सिंह ने इसके विरोध में अपना कोई भी मूल्यवान सामान उपलब्ध नहीं कराया है। मेन्स ने किसी भी स्टेशन के कर्मचारी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
एसपी लोकेश्वर सिंह पर यह आरोप सिद्ध हुआ है, छवि यह है कि पुलिस विभाग की भी शिकायत करने वाले हैं। सारि साक्ष्यों और अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ कि मनुष्यों को उनके दासों के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया।
अधिकारी ने इस मामले में उत्तराखंड पुलिस अधिनियम की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की संस्तुति करने का निर्देश सरकार को दिया है।
ईसाइयों में त्यागपत्र दे चुके हैं। लोकेश्वर
सिंह लोकेश्वर सिंह जिले के पुलिस कप्तान रहते हैं। उनका चयन संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी एक संस्था में हुआ। वह अवकाश पर चल रहे हैं। लोकेश्वर सिंह ने उत्तराखंड कैडर में 11 साल की सेवा दी है। गत 28 नवंबर को उनकी वामपंथी केंद्र सरकार ने विचार भी रखे हैं।


