सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इंस्पेक्टर और लाइन हाजिर सब-इंस्पेक्टर और अन्य सिपाहियों को गार्ड रेंज में बंधक बनाया गया है।
यह निर्णय मामले की विशिष्टता और गहन जांच के बाद लिया गया है, जो कि प्रयोगशाला की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और पुष्टि को बढ़ावा देता है।

रविवार को काशीपुर के ग्राम पेजगा निवासी सुखवंत सिंह ने बस्ती के गौलापार स्थित एक होटल में तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना से पहले सुखवंत सिंह ने इंटरनेट मीडिया पर नेट बंगले पर भूमाफियाओं पर आरोप लगाया था। साथ ही यह भी कहा गया था कि वह पुलिस के पास गया था, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
सुखवंत ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप भी लगाए थे। वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ तो शेयर बाजार में आ गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की जांच कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को सौंपी थी।
साथ ही साजिद मणिकांत मिश्रा ने स्थानीय पुलिस की टुकड़ियों को देखते हुए साजिदा सिंह रौतेला और साझी में आस्थावादी प्रकाश स्तिथ को निलंबित कर दिया।
कैथेड्रल सोसाइटी के नीचे आने वाली दुकान पेज पर नियुक्त प्रभारी महावीर कुमार के साथ ही एक प्रेरक सोमवीर सिंह और कंसल्टेंट शेखरकोटी, भूपेन्द्र सिंह, दिनेश तिवारी, सुरेश चंद्र, यागेश चौधरी, रेजिडेंट गिरी, दीपक प्रसाद और संजय कुमार को उधम सिंह नगर से वाल रेंज रेंज में रखा गया है।

